
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता बनाया गया है।
सबसे पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने दी बधाई
इस नियुक्ति के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में है। पुतिन ने मोजतबा खामेनेई को नए सर्वोच्च नेता बनने पर बधाई दी और उनके सफल नेतृत्व की कामना की।
क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में पुतिन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता की राजनीतिक और धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए ईरान को स्थिरता और मजबूती की दिशा में आगे ले जाएंगे।
तनाव के बीच आया यह बड़ा राजनीतिक बदलाव
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई दिनों से जारी इस संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीति को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में ईरान में नए सर्वोच्च नेता का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच रहा है।
सुप्रीम लीडर का पद क्यों है इतना शक्तिशाली
ईरान में सुप्रीम लीडर का पद देश की सत्ता संरचना में सबसे शक्तिशाली माना जाता है। इस पद के पास सेना, न्यायपालिका और विदेश नीति से जुड़े बड़े फैसलों पर अंतिम अधिकार होता है। इसलिए मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति को केवल घरेलू बदलाव नहीं बल्कि मध्य पूर्व की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस-ईरान संबंधों पर भी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन की ओर से तुरंत बधाई संदेश आना इस बात का संकेत है कि रूस और ईरान के रणनीतिक संबंध आगे भी मजबूत बने रह सकते हैं। आने वाले समय में यह साझेदारी क्षेत्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती है।






















