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एंट्री के साथ ही उठे कई बड़े सवाल।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने से चर्चा तेज हो गई है। लेकिन उनके सामने सबसे बड़ा सवाल राजनीतिक निजी अनुभव की कमी का है, क्योंकि बिहार भारतीय राजनीति के सबसे जटिल राज्यों में से एक माना जाता है, जहां जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय और गठबंधन की राजनीति बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।
पार्टी कार्यालय पहुंचकर निशांत कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की मौजूदगी में जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर निशांत कुमार ने कहा,
इस मौके पर निशांत कुमार ने कहा, “मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है और मैं उसका सम्मान करता हूं। जनता और पार्टी ने जो मुझ पर विश्वास किया है, उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। पिताजी ने बीस साल में बिहार के लिए जो काम किया है, उसे मैं जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा।”






















