Balendra Shah ने शनिवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। शपथग्रहण के कुछ घंटों बाद, KP Sharma Oli और Ramesh Lekhak को पुलिस ने हिरासत में लिया।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 2025 में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले में की गई है। दोनों नेताओं को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर हुई है।
2025 के इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया था। प्रदर्शन बेरोजगारी, आर्थिक स्थिति और राजनीतिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए थे। कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, झड़पों में कई लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। इसके बाद एक जांच आयोग गठित किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट में स्थिति को संभालने में चूक और कुछ मामलों में अत्यधिक बल प्रयोग का उल्लेख किया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि निर्णय लेने की जिम्मेदारी उच्च स्तर तक जाती है। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
नई सरकार ने इस कार्रवाई को कानून के अनुसार बताया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच और आगे की प्रक्रिया न्यायालय में तय होगी।
वहीं, कुछ राजनीतिक दलों ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। नेपाल में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी विकास के रूप में देखा जा रहा है।





















