
शुरुआती दो दिनों में 5.6 अरब डॉलर के हथियार खर्च
पेंटागन के अनुमान के अनुसार, ईरान के खिलाफ युद्ध के पहले दो दिनों में ही लगभग 5.6 अरब डॉलर (करीब 46,000 करोड़ रुपये) के हथियार और गोला-बारूद इस्तेमाल हो गए।
कांग्रेस में बढ़ी चिंता
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह खर्च सिर्फ युद्ध के शुरुआती 48 घंटों का है।
इससे अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में चिंता बढ़ गई है कि:
अमेरिका तेजी से उन्नत और सीमित हथियारों का भंडार खर्च कर रहा है।
हाई-टेक मिसाइल, प्रिसिजन बम और एयर-डिफेंस सिस्टम की संख्या पहले से सीमित है।
अगर युद्ध लंबा चला, तो अमेरिका को अपने सैन्य स्टॉक की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
किन हथियारों का इस्तेमाल हुआ
विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती हमलों में मुख्य रूप से इन हथियारों का उपयोग हुआ
- क्रूज़ मिसाइलें (Tomahawk जैसी)
- प्रिसिजन गाइडेड बम
- स्टील्थ फाइटर जेट से लॉन्च हथियार
- लंबी दूरी के स्टैंड-ऑफ मिसाइल सिस्टम
- लंबी दूरी के स्टैंड-ऑफ मिसाइल सिस्टम
सभी अत्याधुनिक हथियार हैं और इनकी एक-एक यूनिट की कीमत लाखों से करोड़ों डॉलर तक होती है।
युद्ध लंबा चला तो क्या होगा
- अमेरिका को नए हथियारों का उत्पादन तेज करना पड़ेगा
- सैन्य बजट में अतिरिक्त फंड की मांग बढ़ सकती है
- अन्य क्षेत्रों (जैसे एशिया-प्रशांत) में तैनाती पर भी असर पड़ सकता है
कुल मिलाकर, सिर्फ दो दिनों में इतना बड़ा खर्च इस युद्ध की तीव्रता और महंगे सैन्य संसाधनों पर निर्भरता को दिखाता है।






















